एक थी श्रेया : 'शादी की जगह बिटिया की तेरही की तैयारी कर रहे'
वाराणसी, अगस्त 30 -- रोहनिया (वाराणसी), संवाद। 'अगले साल 22 फरवरी को श्रेया उपाध्याय उर्फ मोनू की शादी थी। हमलोग तैयारी में जुटे थे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। हमें उसकी तेरही करनी पड़ रही है।' शनिवार को उसके दशगात्र (दसवां) पर भावुक पिता सुनील उपाध्याय ने यें बातें कहीं। उन्होंने बेटी के मुख्य हत्यारोपी विवेक चौबे की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जताई। कहा कि इससे हमें क्षोभ है। मरुई (राजातालाब) की श्रेया उपाध्याय एमएससी की छात्रा थी। परिवारवालों ने उसके अनुरूप ही जीवनसाथी चुना। वह डीआरडीओ में कार्यरत है। घर से महज तीन किमी दूर गोतवा गांव में उसकी ससुराल थी। सबकुछ तय-तमाम होने के बाद 26 नवंबर को उसकी सगाई होने वाली थी। परिवारवालों की खुशियों पर 18 अगस्त को तब तुषारापात हुआ जब वह लापता हो गई। तीसरे दिन 20 अगस्त को उसकी लाश बच्छांव...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.