नई दिल्ली, जून 15 -- राजनीति में कभी-कभी एक घटना सालों की मेहनत पर भारी पड़ जाती है, तो कभी एक मामूली दिखने वाला घटनाक्रम किसी नेता की पहचान को नई ऊंचाई दे देता है। जयपुर के शहीद स्मारक पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को पड़ा एक थप्पड़ अब सिर्फ कानून-व्यवस्था या हंगामे की खबर नहीं रह गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की है कि क्या यह थप्पड़ दीपके की राजनीति के लिए वही काम करेगा, जो कभी अरविंद केजरीवाल की राजनीति के लिए ऐसे विवादों और हमलों ने किया था?सोशल मीडिया से सड़क तक का सफर अभिजीत दीपके ने पिछले कुछ महीनों में सोशल मीडिया के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है। शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर उनके वीडियो लाखों लोगों तक पहुंचे। समर्थकों का दावा है कि कुछ ही दिनों में उनके कंटें...