नई दिल्ली, सितम्बर 7 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को ऐतिहासिक आवश्यकता करार दिया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं और पेशों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए वह दिन दूर नहीं, जब 50 प्रतिशत नेतृत्व महिलाओं के हिस्से होगा। बिरला ने कहा कि आने वाले वर्षों में राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्रों में आधी आबादी की एक नई पीढ़ी उभरकर सामने आएगी।

महिलाओं की भागीदारी बिरला ने सोमवार को फरीदाबाद में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित 'लिंग-उत्तरदायी शासन' विषय पर दो दिवसीय अखिल भारतीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अब ध्यान केवल महिलाओं को सहायता और अवसर प्रदान करने तक सीमित नही...