नई दिल्ली, मई 8 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। देश में बेरोजगारी की स्थिति बदल रही है लेकिन अभी तक बड़ी संख्या में लोग खेती और अंसगठित क्षेत्र पर निर्भर है। एसबीआई रिसर्च द्वारा किए गए अध्ययन में सामने आया है कि कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा जैसे राज्यों में रोजगार गुणवत्ता में सुधार हुआ है लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार और पंजाब जैसे राज्यों में गुणवत्ता और श्रमभागेदारी में कमजोरी दर्ज की गई है। ऐसे में राज्यों को न्यूनतम मजदूरी सख्ती से लागू करने की जरूरत है। वेतन, कौशल और अनौपचारिक रोजगार पर आधारिक आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण रिपोर्ट- 2025 में पहली बार इकाई स्तर के डेटा का भी उपयोग किया गया है। रिपोर्ट में न्यूनतम मजदूरी को लेकर चिंता जाहिर की गई है क्योंकि सर्वेक्षण में सामने आया है कि छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूरो...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.