चित्रकूट, अक्टूबर 5 -- मऊ। यूपी ग्रामीण बैंक में ग्रामीणों के खाते खुलवाकर करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध धनराशि की निकासी मामले में जांच टीम काफी अंदर तक ब्योरा खंगालने में कामयाब होती दिख रही है। फिलहाल बैंक से सभी खातों का पूरा ब्योरा न मिलने से सर्विलांस से मिलान नहीं हो सका है। बताते हैं कि जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि बांदा जिले के एक बैंक खाते से मुख्य आरोपित राममनोहर के खाते में करीब 15 बार का लेनदेन एक माह के भीतर हुआ है। जिसके चलते राममनोहर अब पूरी तरह शिकंजे में फंसता नजर आ रहा है। थाना प्रभारी राजेश प्रताप सिंह का कहना है कि टीम प्रत्येक खाते की छानबीन कर रही है। अब तक आठ खातों की जांच हो पाई है।

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