नई दिल्ली, फरवरी 24 -- राजस्थान की शांत फिजाओं में अब 'इंटरनेट कॉलिंग' और 'रंगदारी' का जहर घुलने लगा है। कभी मेहमाननवाजी और सामाजिक सौहार्द के लिए पहचाना जाने वाला यह प्रदेश संगठित अपराधियों के निशाने पर है। मंगलवार को राजस्थान विधानसभा के शून्यकाल में निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इसी मुद्दे पर सरकार को घेरा और कानून-व्यवस्था पर कड़े तेवर दिखाए। उनका कहना था कि अगर "रक्तरंजित राजस्थान" को बचाना है तो अब केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा-यूपी-बिहार और मुंबई की तर्ज पर सख्त कार्रवाई करनी होगी।'एक को ठोकेंगे तो 100 में जाएगा मैसेज' भाटी के संबोधन का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा, जब उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह विभाग को 'एनकाउंटर' और 'बुलडोजर' जैसी कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया। सदन में उन्होंने कहा, "हमें यूपी-बिहार और मुंबई की तर्ज पर गैंगस...