गंगापार, मई 22 -- एक तरफ मंचों से 'विकास' के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो दूसरी ओर गौहनिया बाजार की बदहाल तस्वीर उन दावों की पोल खोल रही है। पिछले एक साल से अधूरा पड़ा यह महामार्ग अब लोगों के लिए सुविधा का नहीं बल्कि जाम और उड़ती डस्ट का रास्ता बन चुका है।

सड़क की स्थिति इस बाजार में एक किलोमीटर का हिस्सा इतना खतरनाक हो गया है कि यहां से गुजरना रोज नाकों चने चबाने जैसा बन गया है। हैरानी की बात यह है कि इधर से तकरीबन हर रोज गुजरने वाले प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नजर अब तक इस गंभीर समस्या पर नहीं पड़ या पड़ी है। यह हम नहीं कह सकते गौहनिया बाजार में नाली निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन बाजार की यह पूरी सड़क क्षतिग्रस्त होकर उखड़ी पड़ी है।

स्थानीय लोगों की चिंता सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो चुके हैं, डामर पूरी तरह उखड़ चुका है...