प्रयागराज, मार्च 6 -- UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि किसी कर्मचारी की गलती के परिणामस्वरूप दूसरे कर्मचारी की मृत्यु होती है तो इसके लिए राज्य को उत्तरदायी माना जाएगा। राज्य के कर्मचारी कभी-कभी खतरनाक कर्तव्यों का पालन इस विश्वास के साथ करते हैं कि राज्य उनके जीवन के लिए जिम्मेदार होगा। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने सोनभद्र निवासी सरिता देवी के पति की मृत्यु पर सही मुआवजे की मांग में दाखिल याचिका को स्वीकार करते हुए की है। रेलवे रेणुकूट में बिजली की मरम्मत कर रहे याची के पति की पोल से गिरकर मृत्यु हो गई थी। पावर शट डाउन नहीं करने के कारण उन्हें करंट लगा था। उन्हें 10.16 लाख रुपये मुआवजा मिला था। याची ने 60 लाख रुपये मुआवजे की मांग थी। याचिका के अनुसार याची के पति सीनियर...