लखनऊ, जून 15 -- केजीएमयू में ठेका व्यवस्था की लापरवाही ने राहुल गौतम की जान ले ली। आरोप है कि फायर सेफ्टी का काम देखने वाली कंपनी को ही जलापूर्ति व्यवस्था के अनुरक्षण की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई। कंपनी एक ही कर्मचारी से अलग-अलग तरह के काम करा रही थी। नतीजा यह हुआ कि कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ता गया। सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती रही। दुबग्गा के लीला खेड़ा निवासी राहुल गौतम मेसर्स गोविंद फायर सर्विसेस का कर्मचारी था। ये कम्पनी केजीएमयू में फायर सेफ्टी के साथ जलापूर्ति व्यवस्था के अनुरक्षण का भी काम करती है। एक ही कंपनी को दो या इससे अधिक ठेके रेवड़ी की तरह बांटे जा रहे हैं। मोटी कमाई के लालच में कंपनियां एक ही कर्मचारियों से दोनों प्रकार के ठेके का ज्यादातर काम कर रही है। राहुल की मौत ने गोविंद फायर सर्विसेस की कार्यशैली की पोल खोल दी ...