नई दिल्ली, मार्च 6 -- दिल्ली की साकेत कोर्ट ने शुक्रवार को लॉरेंस बिश्नोई और दो अन्य को वकील से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के एक मामले में बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ बयानों के अलावा कोई सबूत नहीं मिला है। यह मामला अप्रैल 2023 में दर्ज FIR के बाद फायरिंग और रंगदारी की कॉल से जुड़ा था। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने जांच के बाद लॉरेंस बिश्नोई, हरेन सरपदादिया और आशीष शर्मा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) नूपुर गुप्ता ने तीनों आरोपियों को रंगदारी और उससे जुड़े आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने देखा कि शिकायतकर्ता ने धमकी के कारण फिरौती की रकम देने का आरोप नहीं लगाया था। यही नहीं चार्जशीट में रकम देने का जिक्र भी नहीं था। अदालत ने कहा कि आरोपियों पर IPC की धारा 386 के तहत सजा वाले अपराध ...
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