नई दिल्ली, जून 9 -- नई दिल्ली, प्र.सं.। दिल्ली उच्च न्यायालय ने क्रिप्टोकरेंसी के रूप में करीब एक करोड़ रुपये के हस्तांतरण से जुड़े साइबर धोखाधड़ी मामले में एक व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने कहा कि यह मामला प्रथम दृष्टया डिजिटल मुद्रा से संबंधित संगठित साइबर धोखाधड़ी का है। आरोपी से हिरासत में पूछताछ करने की जरूरत है। आरोपी गौरव की मुलाकात शिकायतकर्ता से वर्ष 2024 में एक साझा मित्र के जरिए हुई थी। दिल्ली पुलिस ने 2025 में मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोपी ने दावा किया कि उसे मामले में फंसाया गया है। पीठ ने कहा कि चूंकि सह-आरोपियों ने अपनी पहचान व स्थान छिपाने के लिए व्हाट्सऐप कॉल व वीपीएन-आधारित संचार का इस्तेमाल किया था, इसलिए उनका पता लगाने के लिए वर्तमान आरोपी से पूछताछ करन...