इटावा औरैया, मार्च 30 -- श्री रामचरितमानस केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि एक आदर्श जीवन जीने की कला सिखाने वाली मार्गदर्शिका है, जो रिश्तों में मर्यादा, त्याग, कर्तव्यपरायणता और कठिन समय में धैर्य रखना सिखाती है। यह प्रवचन वृन्दावन धाम के कथा प्रवक्ता व रसिक आचार्य नंदकिशोर पांडे ने यमुना तलहटी स्थित प्राचीन सिद्धपीठ पड़राये हनुमान मंदिर पर आयोजित हो रहे श्री राम कथा महोत्सव के प्रथम दिवस पर दिये ।उन्होंने कहा कि राम चरित मानस मानवीय मूल्यों, समाज सेवा और श्री राम के आदर्शों के माध्यम से एक अनुशासित व सुखी जीवन का आधार प्रस्तुत करती है और हमें यह सिखाती है कि हम अपने जीवन की भूमिका (पुत्र, भाई, मित्र) को पूरी निष्ठा से निभाएं और समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने का प्रयास करें।उन्होंने कहा कि मानस से रिश्तो की मर्यादा और कर्तव्य के स...
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