नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- लगभग दो महीने से ईरान में जारी तनाव के बाद विश्व स्तर पर एक खुशखबरी सामने आई है। भारत और न्यूजीलैंड ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करके जैसी सकारात्मकता का संचार किया है, उसकी विश्व को बड़ी जरूरत है। हां, मोटे तौर पर यह समझौता बीते वर्ष दिसंबर में ही हो गया था, लेकिन विश्व में बिगड़े हालात की वजह से इसमें लगभग चार महीने का समय लग गया। जो समझौता हुआ है, उसके बीस पहलू या अध्याय हैं। इनमें सबसे ऐतिहासिक है व्यापार और निवेश। विश्व में एक समय केंद्रीकृत व्यापार व्यवस्था बनती दिख रही थी, लेकिन बीते चार वर्ष से ज्यादातर देश द्विपक्षीय समझौते को तरजीह दे रहे हैं। विश्व व्यापार संगठन का जादू खत्म हो चुका है। आश्चर्य नहीं कि बीते चार वर्ष में भारत कम से कम सात व्यापार समझौते कर चुका है। न्यूजीलैंड एक छ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.