इटावा औरैया, मई 30 -- इटावा, संवाददाता। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में मां-बेटी की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती जांच में हादसा केवल एक तेज रफ्तार कार की टक्कर नहीं, बल्कि एक बड़ी लापरवाही का नतीजा था। बस चालक यात्रियों को किसी सुरक्षित स्थान या फूड प्लाजा पर उतारता तो शायद दो जिंदगियां बच सकती थीं। शुक्रवार सुबह करीब 3:33 बजे सिद्धार्थनगर से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस को चालक ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर ऊसराहार थाना क्षेत्र के खरगपुर सरैया गांव के पास सड़क किनारे खड़ा कर दिया। बस में सवार यात्री टॉयलेट के लिए नीचे उतर रहे थे। उसी दौरान सिद्धार्थनगर के थाना बॉसी क्षेत्र के खोजीपुर गांव निवासी 50 वर्षीय कुसुम पत्नी गौरीशंकर और उनकी 13 वर्षीय बेटी अंजलि भी बस से नीचे उतरीं। बताया जा रहा है कि आसपास कोई सुरक्षित स्थान, शौचाल...