नोएडा, अप्रैल 29 -- नोएडा, प्रमुख संवाददाता। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की शुरुआत करीब 24 साल पहले हुई। एक्सप्रेसवे बनने से नोएडा से ग्रेनो का सफर आसान हुआ। साथ ही दो दर्जन से अधिक सेक्टर और गांवों में काफी तरक्की हुई। इन सेक्टरों में बिल्डरों की ऊंची इमारतों में लोगों को आशियाना मिला। कई नामी सहित अन्य कंपनियों में रोजगार के द्वार खुले।यह एक्सप्रेसवे 24.53 किमी लंबा और छह लेन का है। यह महामाया फ्लाईओवर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित जीरो प्वाइंट पर यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ता है। इसके बनने से पहले यहां के गांवों और सेक्टरों में जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। यह भी पढ़ें- गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे के जुड़ने से उद्योगों को गति मिलेगी नोएडा से ग्रेटर नोएडा की ओर जाने के लिए पहले सबसे पुराना रास्ता बरौला, भंगेल, फेज ट...
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