नई दिल्ली, मार्च 17 -- भारतीय शेयर मार्केट में मौजूदा गिरावट और गहरी हो सकती है और अगर कच्चा तेल अगले तीन-चार महीने तक 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहता है तो निफ्टी 50 सीधा 21,000 के स्तर तक लुढ़क सकता है। यह चेतावनी एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज के रणनीतिकार शेषाद्री सेन ने दी है। उनका कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच लंबा खिंचता युद्ध इसकी सबसे बड़ी वजह बन सकता है। हालांकि, सेन का यह भी मानना है कि यह सुधार अस्थायी होगा। एक बार जब कच्चे तेल की कीमतें घटकर 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ जाएंगी, तो भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों की कमाई में सुधार होगा। ऐसे में एक साल या उससे ज्यादा के नजरिए से देखने वाले निवेशकों के लिए यह शानदार मौका हो सकता है।क्यों बढ़ रही है चिंता? अमेरिका-ईरान के बीच जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। ईरान ने होर्म...