प्रयागराज, नवम्बर 9 -- प्रयागराज, संवाददाता। एक्यूप्रेशर शोध प्रशिक्षण एवं उपचार संस्थान मिंटो रोड की ओर से छतनाग स्थित एमपी खेमका एक्यूप्रेशर कॉलेज में आयोजित सम्मेलन में रविवार को विविध विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इस मौके पर अध्यक्षीय संबोधन में संस्थान के अध्यक्ष जीपी अग्रवाल ने कहा कि एक्यूप्रेशर में अब नई तकनीक से कम बिन्दुओं से अधिकतम उपचार में सफलता मिल रही है। उपचार पद्धति में कई ऐसे भी बिंदु होते हैं, जिससे शरीर की ऊर्जा का प्रवाह संतुलित होता है। तनाव कम होने के साथ एकाग्रता और सहनशीलता बढ़ती है। साथ ही स्वास्थ्य संवर्धन में सहायक सिद्ध होता है। तकनीकी सत्र में असाध्य रोगों में एक्यूप्रेशर उपचार पद्धति से संबंधित 18 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। शोध पत्रों में कोलकाता की चंचल अग्रवाल का एक्यूप्रेशर में मैगनेट का महत्व, प्रया...
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