एकादशी व्रत का पालन श्रद्धा, शास्त्र और संयम से करें
भभुआ, सितम्बर 8 -- दशमी युक्त एकादशी से बचने और शुद्ध पारण करने की बताई महत्ता राजा अमरीष-दुर्वासा प्रसंग से भक्ति, विनम्रता और शरणागति का संदेश (पेज चार) भभुआ, नगर संवाददाता। सदर प्रखंड के परसियां में आयोजित चातुर्मास महोत्सव एवं श्रीमद्भागवत कथा के दौरान जीयर स्वामी जी महाराज ने एकादशी व्रत की महिमा, उसके शास्त्रीय नियमों तथा पारण की विधि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एकादशी केवल अन्न त्याग का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, भगवान के प्रति समर्पण और अंत:करण की शुद्धि का महान साधन है। व्रत तभी पूर्ण फल प्रदान करता है जब उसका पालन शास्त्रों के अनुरूप किया जाए।
एकादशी का पालन उन्होंने श्रद्धालुओं को दशमी युक्त एकादशी से बचने तथा द्वादशी युक्त एकादशी का पालन करने की सलाह दी। स्वामी जी ने कहा कि वर्तमान समय में लोग व्रत तो करते हैं, लेकिन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.