नई दिल्ली, अगस्त 7 -- सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। इस वर्ष यह एकादशी 9 अगस्त को पड़ रही है। एकादशी व्रत में कई नियमों का पालन किया जाता है, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है चावल का त्याग। बहुत से लोग पूछते हैं कि आखिर एकादशी के दिन चावल क्यों नहीं खाए जाते। इसके पीछे धार्मिक कथा और व्यावहारिक कारण दोनों मौजूद हैं।कामिका एकादशी का महत्व सावन मास की कृष्ण पक्ष एकादशी को कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा और व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी के व्रत से पापों का नाश होता है और मन की शुद्धि होती है। व्रत के दौरान सात्विक भोजन लिया जाता है और कई वस्तुओं का त्याग किया जाता है। इनमें चावल का निषेध सबसे प्रमुख माना गया है, क्योंकि यह व्रत की पवित्रता से सीधा जुड़ा है।पौराणिक क...