धनबाद, अप्रैल 25 -- लोयाबाद, प्रतिनिधि। लोयाबाद एकड़ा में श्रीश्री राधा कृष्ण प्रेम मंदिर के सप्तम वार्षिक महामहोत्सव पर सुरेन्द्र के सानिध्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन विश्राम दिवस के साथ श्रद्धा और भक्ति भाव से हुआ। कथा के दौरान "गुरु" और "गोविन्द" (भगवान) के महत्व को बताते हुए सुरेन्द्र ने कहा कि ये जीवन के दो ऐसे स्तंभ हैं, जिनके समक्ष कपट, दिखावा या मिलावट नहीं चलती। गुरु ही हमें गोविन्द तक पहुंचाने का मार्ग दिखाते हैं। यदि हम गुरु के सामने छल करें या भगवान के समक्ष दिखावा करें, तो हमारी भक्ति निष्फल हो जाती है। इसलिए गुरु के सामने सच्चाई और भगवान के प्रति निष्कपट भाव रखना आवश्यक है-भक्ति में मिलावट नहीं, बल्कि पूर्ण समर्पण होना चाहिए। मौके पर सुजीत वर्मा, रिनी वर्मा, शंकर गोराई, जीतेन्द्र सिंह, दीपेन अंबानी, महेन्द्र यादव,...
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