दरभंगा, मार्च 20 -- दरभंगा। जिले में एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सड्रिंोम) एवं जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस) से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। टीबीडीसी भवन में जिले के 45 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) का ओरियंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। ओरियंटेशन के दौरान मास्टर ट्रेनर सह शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरेश कुमार साहू (अनुमंडल अस्पताल, बिरौल) ने प्रतिभागियों को एईएस के लक्षण, त्वरित उपचार, रेफरल प्रक्रिया एवं बचाव के उपायों की वस्तिृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और सही उपचार से इस बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। बता दें कि पीएचसी एवं सीएचसी स्तर पर दो-दो बेड तथा सभी रेफरल एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में चार- चार बेड का डेडिकेटेड एईएस वार्ड तैयार कर लिया गया है।इन वार्डों को एयर कंडीशन य...