मेरठ, जुलाई 20 -- आयकर विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक डेटा-मैचिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग करके टैक्स रिटर्न (आईटीआर) में होने वाली छोटी-बड़ी गड़बड़ियों को आसानी से पकड़ रहा है। इस तकनीक ने टैक्स चोरी और फर्जी दावों पर पूरी तरह नकेल कस दी है। पहले सैलरी बेस एवं छोटे व्यापारियों की रिटर्न पर कोई सवाल नहीं करने वाला आयकर विभाग अब बारीकी से नजर रखता है और संदिग्ध दिखने वाले प्रकरण में जांच-छानबीन कर गड़बड़ियों पर नोटिस एवं अन्य कार्रवाई कर देता है। जानकारों के मुताबिक एआई जांच और गड़बड़ियों की पहचान मल्टीपल डेटा का मिलन कर करता है। यह भी पढ़ें- टैक्स रिफंड घोटाला : आयकर के जांच रडार पर कई सीए-लाभ लेने वालेडेटा मिलान की प्रक्रिया आयकर विभाग का एआई सिस्टम भरी गई जानकारी का मिलान सीधे बैंकों, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और प्रॉपर्टी रजि...