नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- प्रांजल शर्मा,डिजिटल नीति विशेषज्ञ मानव सभ्यता की विकास यात्रा में कई अहम मोड़ आए हैं। इन सभी मोड़ों से इंसान को जोखिम और फायदे, दोनों ही मिले। कुछ ने तो सभ्यता का रुख ही बदल डाला। आग और विद्युत की खोज ऐसी ही मोड़ थी। आज मानव समाज एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इतना विकसित हो गया है कि यह हमारी तरक्की में मदद कर सकता है या हमारे भविष्य को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, आग, बिजली और एआई में बड़ा फर्क है। एआई में इंसानी दखल के बिना फैसले लेने, राय बनाने और काम शुरू करने की क्षमता विकसित हो रही है। यह क्षमता इसे एक शानदार, मगर खतरनाक तकनीक बनाती है। एआई पहले से ही हमारे ईमेल, रिसर्च और कारोबारी-निजी फैसलों को प्रभावित कर रहा है। जैसे, किस रेस्टोरेंट में खाना है, कौन से कपड़े खरीदने...