बिहारशरीफ, मई 19 -- एआई से प्राचीन पांडुलिपियों को किया जाएगा डिकोड बिहारशरीफ, निज संवाददाता। नालंदा विश्विद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने मंगलवार को कार्यक्रम में कहा कि विश्वविद्यालय अब स्थापना काल से आगे बढ़कर वैश्विक साझेदारी और अनुसंधान के नए चरण में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में बन रहे भव्य पुस्तकालय में प्राचीन पांडुलिपियों का बड़ा संग्रह रखा जाएगा। इन पांडुलिपियों में छिपे ज्ञान, संदेश और रहस्यों को समझने तथा डिकोड करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डाटा एनालिटिक्स तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह भी पढ़ें- नालंदा विवि का अन्य विश्वविद्यालयों के बीच तैयार होगा जीवंत नेटवर्कप्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की जरूरत उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक ...