एआई से गले की कैंसर स्क्रीनिंग में मिलेगी मदद
वाराणसी, जून 28 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। लखनऊ के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि हर साल हजारों लोग गले के कैंसर से अपनी जान गंवाते हैं। इसलिए नहीं है कि बीमारी लाइलाज है, बल्कि रोग का पता चलने तक बहुत देर हो चुकी होती है। यह भी पढ़ें- एआई का उपयोग दवा की खोज में बढ़ागले के कैंसर की पहचान हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से शुरुआती स्टेज में स्क्रीनिंग कर रोग की पहचान कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि सभी सीएचसी-पीएचसी पर एआई बेस्ड इमेज क्लासीफायर लगे। इसकी मदद से प्रारंभिक अवस्था में गले के कैंसर की पहचान हो सकती है। समय से इलाज शुरू होने से मरीज का जीवन बचाया जा सकता है। वह शनिवार को आईएमएस बीएचयू के ईएनटी विभाग की ओर से महामना ईएनटी एजुकेशनल ट्रस्ट (एमईईटी) के सहयोग से केएन उडुप्पा सभागार में शुरू हुई दो दिवसीय राष्...
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