प्रयागराज, जून 6 -- प्रयागराज, संवाददाता। एएमए की ओर से शनिवार को एएमए सभागार में वैज्ञानिक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने ऑटोइम्यून बीमारियों की जांच और निदान तकनीक पर विचार व्यक्त किए। डॉ. लाल पैथलैब्स नई दिल्ली में हेमाटोलॉजी और इम्यूनोलॉजी विभाग के तकनीकी निदेशक डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि अब एआई तकनीक से जटिल आनुवंशिक, प्रोटीन और सेलुलर डेटा का विश्लेषण करके ऑटोइम्यून विकारों का आसानी से पता लगाया जाता है।डॉ. लाल पैथलैब्स में क्लीनिकल केमिस्ट्री और बायोकेमिकल जेनेटिक्स की तकनीकी निदेशक डॉ. निम्मी कंसल ने कहा कि ऑटोइम्यून विकार तब होता है, जब आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से स्वस्थ कोशिकाओं, ऊतकों या अंगों पर हमला कर देती है। वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के बजाय, शरीर खुद पर ही हमला करने लगता है। एएमए के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुम...