वाराणसी, जुलाई 21 -- सेवापुरी, संवाद। अब गांव की महिलाएं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से आत्मनिर्भर बनेंगी। तकनीकी रूप से सुदृढ़ होने पर वे युगांतरकारी कदम उठाने में सक्षम होंगी। उन्हें समयानुकूल फैसले करने में आसानी होगी। विकास खंड सभागार में मंगलवार को सेंटर फॉर सोशल बीहेवियर चेंज (सीएसबीसी) और अशोक यूनिवर्सिटी के तत्वावधान आयोजित कार्यशाला में ये दावे किए गए।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई-कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम के उच्चस्तरीय तकनीकी सत्र में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों और क्लस्टर संघों की 90 दीदियों ने भाग लिया। कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक बृजेश कुमार गुप्त ने बताया कि एआई प्रशिक्षित ग्रामीण महिलाएं दूरदर्शी होंगी। तकनीकी दृष्टि से...