नई दिल्ली, फरवरी 17 -- आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) केवल तकनीकी विषय नहीं रह गया है। एआई अब लगभग हर उत्पाद, सेवा और नीति का हिस्सा बन चुका है। भारत का लक्ष्य सस्ती और भरोसेमंद एआई तकनीक, नैतिक मानक, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और ग्लोबल एआई कॉमन्स जैसी पहल को आगे बढ़ाना है। भारत आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के पास लगभग 175 अरब डॉलर की एआई डाटा सिटी बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इस परियोजना में बड़े डाटा सेंटर, जीपीयू क्लस्टर, क्लाउड सिस्टम और रिसर्च हब बनाए जाएंगे। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 भारत के लिए बड़े अवसर लेकर आई है। यह सम्मेलन इसलिए खास है, क्योंकि यह ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा एआई सम्मेलन है और इसमें केवल चर्चा नहीं, बल्कि व्यावहारिक समाधान पर जोर दिया गया है। जहां पश्चिमी देशों के सम्मेलन जोखिम और नियमों पर अधिक केंद्रित रहे हैं...
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