लखनऊ, जून 11 -- जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी दुनिया को बदल रहा है, विद्यार्थियों को ऐसे करियर के लिए तैयार होना चाहिए, जिन्हें मशीनें आसानी से प्रतिस्थापित न कर सकें। भविष्य उन्हीं का है जो मानवीय रचनात्मकता को तकनीकी कुशलता के साथ जोड़ सकें। यह बात लखनऊ इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के संस्थापक एवं निदेशक व शिक्षाविद् राजेश सिंह चौहान ने कही। कहा कि उभरते क्षेत्रों में एआई एथिक्स विशेषज्ञ, जो तकनीक का जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करें और मानव-एआई सहयोग प्रबंधक शामिल हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में जेनेटिक काउंसलर और मानसिक स्वास्थ्य कोच की आवश्यकता होगी। पर्यावरण विशेषज्ञ और नवीकरणीय ऊर्जा इंजीनियर हमारे हरित भविष्य को दिशा देंगे। यह भी पढ़ें- CBSE विवाद के बाद चर्चा में साइबर सिक्योरिटी कोर्स, क्या छापेंगे खूब पैसा? क्या है स्कोप डिज़ाइन, खे...