नई दिल्ली, फरवरी 17 -- एआई समिट में आयोजित 'एआई फॉर इम्पैक्ट- ग्लोबल साउथ फोरम: शेयर्ड सॉल्यूशंस, शेयर्ड फ्यूचर्स' सत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि संस्थागत क्षमता की कमी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में कमजोर निवेश और एआई अपनाने की चुनौतियां इस तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू करने में प्रमुख बाधाएं हैं। इन बाधाओं को दूर करने के लिए समिट में ग्लोबल साउथ के देशों को साझा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा। गेट्स फाउंडेशन की डायरेक्टर जेनेट झोउ ने कहा कि वर्तमान में एआई के लिहाज से असली गैप नवाचार या साक्ष्य में नहीं बल्कि इसे अपनाने में है। बताया कि वेलफेयर संस्थाओं का लक्ष्य एआई तक आम लोगों की पहुंच आसान बनाना है। इसके लिए साझा बुनियादी ढांचे का निर्माण जरूरी है, जिससे कम लागत वाले समाधान बाजार में प्रवेश कर सकें और कमजोर वर्गों तक सेवाएं...