प्रयागराज, नवम्बर 1 -- अब किसी बीमारी की दवा खोजने के लिए हजारों रासायनिक पदार्थों का प्रयोगशाला में परीक्षण करने की जरूरत नहीं होगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग की मदद से कंप्यूटर ही यह अनुमान लगा सकेगा कि कौन-सा अणु बीमारी से जुड़े प्रोटीन पर असर कर सकता है। इससे दवा की खोज में लगने वाला समय और खर्च कम करने में मदद मिलेगी। यह जानकारी केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई), लखनऊ के डॉ. मोहम्मद इमरान सिद्दीकी ने एमएनएनआईटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हैबिट-2026 के समापन अवसर पर रविवार को दी। उन्होंने बताया कि कंप्यूटर की मदद से संभावित दवा के अणुओं की पहचान की जा सकती है। यह भी पढ़ें- बीमारियों को समझाने और खेती बचाने पर वैज्ञानिकों का शोध पहली तकनीक में अणु और बीमारी से जुड़े प्रोटीन के बीच जुड़ाव का विश्लेषण किया ज...