मेरठ, अप्रैल 24 -- पुस्तकालय अब एआई उपकरणों को समझते हुए उनका नैतिक रूप से उपयोग करने और गलत सूचनाओं से बचने के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं। एआई से डरना नहीं है बल्कि इसे समझने की जरूरत है। वर्तमान समय में पुस्तकालयों को ऐसे परिवर्तनकारी नेतृत्व की जरुरत है जो नई सोच को बढ़ावा दे और प्रयोग की संस्कृति का निर्माण करे। इस स्थिति में एआई पुस्तकालयों के अस्तित्व के लिए कोई खतरा नहीं है बल्कि हमें इसे समझते हुए आगे बढ़ने की जरुरत है। सीसीएसयू कैंपस स्थित अटल सभागार में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग और जेएनयू के संयुक्त तत्वावधान में 'डिजिटल युग में समाज, राजनीति और सूचना: भारत और यूरोप के परिप्रेक्ष्य में' विषय पर हुई अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में यह बात एएमयू के प्रो. मुस्तफा जैदी ने कही। प्रो.जैदी ने कहा कि यदि एआई को न...