एआई तकनीक से आसान हुई ब्रेन ट्यूमर की जांच और उपचार
प्रयागराज, जून 8 -- प्रयागराज, ईश्वर शरण शुक्ल। केस एक : झूंसी के रहने वाले 22 वर्षीय प्रमोद ने 29 मार्च का जांच के बाद ब्रेन ट्यूमर होने की पुष्टि हुई थी। घरवालों झाड़फूंक कराने के चक्कर में उपचार शुरू करने में 40 दिन की देरी कर दी। युवक की 24 मई को मौत हो गई। यह भी पढ़ें- बार-बार हो रहा है सिरदर्द? इसे सिर्फ स्ट्रेस समझने की भूल न करें, न्यूरोलॉजिस्ट ने बताए ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती संकेतकेस दो केस दो : राजापुर की नीलम को ब्रेन ट्यूमर की समस्या थी। डॉक्टर ने उन्हें ऑपरेशन कराने की सलाह दी लेकिन किसी ने सलाह दे दी कि ऑपरेशन से याददाश्त जा सकती है, या लकवा मार सकता है इसलिए ऑपरेशन नहीं कराया और जान चली गई। यह भी पढ़ें- अस्पतालों में हर साल बढ़ रहे पांच फीसदी ब्रेन ट्यूमर के मामलेविशेषज्ञों की राय मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी...
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