जमशेदपुर, अप्रैल 26 -- जमशेदपुर । एआई डॉक्टरों की विभिन्न तरीके से सहायता कर उनका समय बचा सकता है लेकिन डॉक्टरों का विकल्प नहीं बन सकता है। यह बातें रविवार को बिस्टुपुर रेडियोलॉजी डॉक्टरों के एक कॉन्फ्रेंस में मुंबई से एआई रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर मालिनी लवांडे ने कही। उन्होंने बताया कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, सीटी स्कैन सहित कई अन्य रेडियोलॉजी से जुड़ी मशीनों में डॉक्टरों की सहायता करता है लेकिन वह उसकी पूरी रिपोर्ट नहीं दे सकता ना ही बीमारी की ठीक तरीके से पहचान कर सकता है। यह काम डॉक्टर को ही करना होगा कि घुटना एडी या कंधे का अल्ट्रासाउंड मशीन से किया जा सकता है और बहुत तरीके से ज में जा सकता है।
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