मुजफ्फरपुर, मार्च 22 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग का दायरा बढ़ता जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के निरीक्षण के अलावा अब सरकारी कामकाज में भी इसके उपयोग से फर्जी लोगों के साथ ही अनियमितता की पोल खुल रही है। ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ा जिला ग्रामीण विकास अभिकरण भी इसका उपयोग आवास योजना में बतौर लाभार्थी अपना नाम देनेवालों के दावों की सत्यता की परख करने के लिए कर रहा है।मुजफ्फरपुर जिले में भी डीआरडीए आवास योजना में पिछले साल हुए सर्वे के दौरान शामिल नामों का सत्यापन इसकी मदद से कर रहा है। सत्यापन का यह दूसरा दौर प्रखंड स्तरीय अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। इसमें बीडीओ और उनके समकक्ष प्रखंड स्तरीय अधिकारी मोबाइल एप में लगे एआई के प्रयोग से इनकी पहचान में जुटे हैं। पहचान के लिए बायोमेट्रिक के अलावा जीआई ...