एआई के युग में स्पिरिचुअल इंटेलिजेंस जरूरी
नैनीताल, सितम्बर 21 -- नैनीताल, संवाददाता। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तेजी से जीवन का हिस्सा बन रही है। शिक्षा, चिकित्सा, कृषि और प्रशासन में इसके उपयोग से क्षमताएं बढ़ी हैं, तो वहीं डीपफेक, भ्रामक सूचनाएं, डिजिटल लत और निजता जैसी चुनौतियां भी खड़ी हुई हैं। ऐसे में तकनीकी दक्षता के साथ स्पिरिचुअल इंटेलिजेंस (एसआई) को विकसित करना बेहद जरूरी है।कंप्यूटर प्रोग्रामर और तकनीकी विश्लेषक कमल के. पांडेय का मानना है कि एआई को रोकना समाधान नहीं है, बल्कि इसके जिम्मेदार उपयोग की चेतना जगाना आवश्यक है। तकनीक स्वयं में नैतिक या अनैतिक नहीं होती। इसका उपयोग मनुष्य के विवेक पर निर्भर करता है। स्पिरिचुअल इंटेलिजेंस धर्म या कर्मकांड न होकर आत्मसंयम, करुणा, नैतिकता और उत्तरदायित्व की भावना है। पांडेय के अनुसार, भारत की आध्यात्मिक परंपरा, विशेषकर देवभूमि उ...
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