दरभंगा, सितम्बर 5 -- राजीव रंजन झा,दरभंगा। किसी राष्ट्र की पहचान केवल उसकी आर्थिक शक्ति, ऊंची इमारतों, आधुनिक सड़कों या तकनीकी उपलब्धियों से नहीं होती। किसी देश की वास्तविक शक्ति उसके नागरिकों की बौद्धिक क्षमता, नैतिक चेतना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मानवीय संवेदनशीलता में निहित होती है। इन मानवीय क्षमताओं का निर्माण सबसे पहले कक्षा में होता है, इसलिए शिक्षक केवल अध्यापक नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण का मौन शिल्पकार है। ये बातें शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर सीएम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मुश्ताक अहमद ने कही। यह भी पढ़ें- Teachers Day 10 Lines , Speech : शिक्षक दिवस पर 10 लाइनें, निबंध और भाषण में आएंगी कामशिक्षक की भूमिका उन्होंने कहा कि भारत में शिक्षक दिवस डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। वे महान दार्शनिक, शिक्ष...