देहरादून, अगस्त 7 -- देहरादून। प्रमुख संवाददाता उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एन रवि शंकर ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई तकनीकों के तेजी से बढ़ते प्रभाव के दौर में विश्वविद्यालयों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें ऐसे अर्थशास्त्रियों और नीति-निर्माताओं को तैयार करना होगा, जो भविष्य की जटिल चुनौतियों का प्रभावी समाधान खोज सकें। यह भी पढ़ें- केवल तकनीक नहीं नई कार्य संस्ककृति है एआईकार्यक्रम का महत्व वह दून विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की ओर से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए आयोजित अभिमुखीकरण कार्यक्रम में बतौर प्रमुख वक्ता बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अर्थशास्त्र और सामाजिक विज्ञानों का अध्ययन अब केवल बाजार और राष्ट्रीय आय तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तको...