लखनऊ, अप्रैल 6 -- केजीएमयू के पीरियोडोंटोलॉजी विभाग की ओर से डेंटल रिसर्च और इनोवेशन में जेनेटिक्स की वर्तमान स्थिति पर सोमवार को सीएमई का आयोजन हुआ। सीडीआरआई के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. श्रीकंत कुमार रथ ने कहा कि दांतों की दिक्कतों का आधुनिक जांच से बेहतर उपचार संभव है। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के डेंटल डीन डॉ. शालीन चंद्रा ने बताया कि एआई से डेंटल साइंस के क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रहा है। साथ ही शोध, निदान और उपचार की योजना पर महत्वपूर्ण असर पड़ रहा है। केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद, डॉ. नीतू निगम व डॉ. विमला वेंकटेश ने उपचार एवं जांच की नई तकनीक साझा की।
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