नई दिल्ली, जुलाई 23 -- पायल सेठ,मुख्य अर्थशास्त्री, पीआईएफ एक दर्जन नोबेल पुरस्कार विजेताओं के साथ दुनिया के लगभग 200 अर्थशास्त्रियों और एआई शोधकर्ताओं ने विगत 13 जून को 'वी मस्ट ऐक्ट नाउ' शीर्षक से एक बयान जारी किया है। इस बयान में चेतावनी दी गई है कि 'अगले 10 वर्षों में एआई बेहद शक्तिशाली हो सकता है।' यह दुनिया की अर्थव्यवस्था को औद्योगिक क्रांति से भी अधिक तेज गति से बदल रहा है। हालांकि, एक बड़ा जोखिम यह है कि एआई बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियां खा रहा है। पिछले महीने जारी इस बयान के मुख्य समन्वयक स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के एरिक ब्रिनजोल्फसन का मानना है कि दुनिया इसके लिए तैयार नहीं है। हालांकि, इसकी सबसे अधिक चिंता भारत को होनी चाहिए, क्योंकि हमारे पास विश्व का सबसे बड़ा युवा कार्यबल और ऐसा औपचारिक श्रम बाजार है, जो सालाना लाखों स्नात...