नई दिल्ली, जून 4 -- नई दिल्ली। उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय उद्योगों पर अनुपालन बोझ कम करने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित 'स्मार्ट' एवं मशीन से पढ़े जा सकने वाले मानक विकसित करने की योजना बना रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। मशीन-पठनीय मानक ऐसे डिजिटल नियमों में बदल दिए जाते हैं जिन्हें कंप्यूटर प्रणाली सीधे ही समझ सके। इससे कंपनियां बिना मानवीय प्रक्रिया के स्वत: अनुपालन की जांच कर सकेंगी। वहीं, स्मार्ट' (मानक मशीन-सुलभ, पठनीय और हस्तांतरणीय) प्रारूप इससे एक कदम आगे हैं, जो लगातार अद्यतन होते रहते हैं और सॉफ्टवेयर एवं विनिर्माण प्रक्रियाओं में सीधे एकीकृत किए जा सकते हैं। यह भी पढ़ें- खाद्य तेल पैक का मानकीकरण होगा

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