रामगढ़, जून 18 -- रामगढ़ किसी भी गंभीर मरीज के लिए एंबुलेंस सिर्फ एक वाहन नहीं बल्कि जीवन और मौत के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। लेकिन रामगढ़ जिले में यही जीवनरक्षक व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। जिले में डायल 108 एंबुलेंस सेवा का लाभ लेने के लिए मरीजों और उनके परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचती, जिसके कारण लोगों को निजी वाहन, ऑटो या किराए की गाड़ी से मरीजों को अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। इससे न केवल मरीजों की जान जोखिम में पड़ती है बल्कि गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। हिन्दुस्तान पड़ताल में सामने आया कि जिले के 9.5 लाख आबादी और सीमावर्ती जिले की लगभग 3.5 लाख कुल 13 लाख की आबादी में एंबुलेंस की संख्या जरूरत के मुकाबले काफी कम है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 32 एं...