आजमगढ़, जनवरी 23 -- आजमगढ़, संवाददाता। एंबुलेंस के जाम में फंसने के बाद अस्पताल जा रहे मरीजों की जान पर बन आती है। अंतिम सांसें गिन रहे मरीज पर एक-एक सेकंड भारी पड़ता है। गौर करने वाली बात ये है कि शहर में महिला अस्पताल के पास ही अक्सर एंबुलेंस जाम में फंस जाती हैं। एंबुलेंस अस्पताल के गेट पर ही काफी देर तक रुकी रह जाती है। जिला महिला अस्पताल में एक दिन में औसतन 25 से 30 महिलाओं का प्रसव होता है। अधिकतर महिलाएं यहां 102 एंबुलेंस से पहुंचती हैं। इसके साथ ही बच्चों को भी लेकर 102 एंबुलेस जिला महिला अस्पताल पहुंचती हैं। प्रसव के बाद महिलाओ को 102 की एंबुलेस घर तक छोड़ती हैं। अस्पताल के पास ही जाम लगने से एंबुलेंस चालकों को परेशानी होती है। सड़क से अस्पताल की इमरजेंसी तक पहुंचने में कभी-कभी 10 मिनट से अधिक का समय लग जाता है। इसके साथ ही अस्पताल स...
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