मधुबनी, अप्रैल 2 -- पंडौल। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, में 'रैगिंग के दुष्प्रभाव' विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को रैगिंग के सामाजिक, मानसिक एवं कानूनी परिणामों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विकास कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि रैगिंग एक गंभीर अपराध है, जो न केवल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उनके भविष्य को भी खतरे में डाल सकता है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे एक स्वस्थ एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें। कार्यशाला के संयोजक डॉ. मो. इरशाद ने रैगिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रैगिंग से पीड़ित छात्र अक्सर अवसाद, भय और आत्मविश्वास की कमी का शिका...