देहरादून, सितम्बर 26 -- देहरादून। प्रमुख संवाददाता बिना चिकित्सकीय सलाह और निर्धारित अवधि से अलग एंटीबायोटिक लेने से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) का खतरा बढ़ जाता है। जिससे सामान्य संक्रमणों का उपचार भी कठिन हो जाता है। ये जानकारी श्री देव भूमि इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी में विश्व फार्मासिस्ट दिवस के तहत आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दी।शुभारंभ संस्थान अध्यक्ष श्रीनिवास नौटियाल, निदेशक डॉ. शिवानंद पाटिल,गुरुकुल कांगड़ी विवि के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. आरसी दुबे और फार्मास्यूटिकल कंसल्टेंट डॉ. सुमंत बौखंडी ने किया। कार्यक्रम में एएमआर के आनुवंशिक कारणों पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों को म्यूटेशन, हॉरिजॉन्टल जीन ट्रांसफर और प्लाज्मिड आधारित प्रतिरोध जैसे तंत्रों की जानकारी दी गई। यह भी पढ़ें- एएमआर से मुकाबले के ...