नई दिल्ली, मार्च 6 -- केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि यह साबित करना मुश्किल होगा कि 1990 के मादक पदार्थ मामले में जब राज्य के पूर्व परिवहन मंत्री एंटनी राजू एक जूनियर वकील थे, तब उनकी सबूतों से छेड़छाड़ करने की मंशा थी। न्यायमूर्ति सी. जयचंद्रन ने यह भी पूछा कि क्या राजू के वरिष्ठ वकील को सबूतों से छेड़छाड़ की जानकारी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि राजू के ऊपर आपराधिक जिम्मेदारी कैसे तय की जा सकती है। यह जानकारी एक वरिष्ठ सरकारी वकील ने दी। अदालत ने यह भी पूछा कि राजू पर सबूतों से छेड़छाड़ करने की मंशा का आरोप कैसे लगाया जा सकता है। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि जब सबूत राजू की अभिरक्षा में थे, उसी दौरान उनके साथ छेड़छाड़ की गई थी। राजू की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उक्त सवाल किए। याचिका में राजू ने...
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