मुंगेर, अप्रैल 24 -- मुंगेर, वरीय संवाददाता। प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आस्था के संगम स्थल ऋषिकुंड में 17 मई से मलमास मेला शुरू होगा, लेकिन आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब तक शुरू नहीं हुई हैं। हर तीन साल पर लगने वाले इस मेले में बिहार, झारखंड, बंगाल और यूपी से लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। तैयारी न होने से स्थानीय लोगों, पुजारियों और श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ गई है। मान्यता है कि ऋषिकुंड में ऋषियों ने तपस्या की थी। यहां का जल कभी नहीं सूखता और मलमास में स्नान-दान का विशेष महत्व है। पूरे एक महीने चलने वाले मेले में श्रद्धालु कुंड में स्नान कर पूजा-अर्चना करते हैं और मन्नतें मांगते हैं। मेले के दौरान बड़ा बाजार भी सजता है। मेला शुरू होने में अब 25 दिन से भी कम समय बचा है, लेकिन सड़क, बिजली, पानी, अस्थायी शौचालय, स्वास्थ्य कैंप और सुरक्...
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