प्रयागराज, मई 24 -- प्रयागराज। जैन धर्म की 28 आर्यिकाओं का समूह धार्मिक भ्रमण के लिए वाराणसी से होकर प्रयागराज स्थित तीर्थंकर ऋषभदेव की तपस्थली पर पहुंचा। भ्रमण की अगुवाई आर्यिका दुर्लभ मति ने की, जिन्होंने तपस्थली पहुंचने पर अहिंसा, संयम व शाकाहार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अहिंसा, शाकाहार और आत्मसंयम की भावना को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। जैन धर्म का मूल संदेश केवल धार्मिक आस्था नहीं है बल्कि मानवता, करुणा और जीव दया पर आधारित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देना है। सभी आर्यिकाएं पांच दिनों तक प्रयागराज भ्रमण के दौरान जीरो रोड स्थित जैन मंदिर भी जाएगा। जहां शांतिधारा, अभिषेक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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