नई दिल्ली, दिसम्बर 18 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। राज्यसभा में सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांस्डमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया विधेयक 2025 (शांति) पर चर्चा के दौरान पूर्व विदेश सचिव और सांसद हर्षवर्धन शृंगला ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि 1962 के पुराने परमाणु ऊर्जा अधिनियम में संशोधन कर तैयार किया गया यह बिल देश के सिविल न्यूक्लियर सेक्टर को भविष्य के लिए तैयार करेगा। शृंगला ने कहा कि भारत की वर्तमान परमाणु क्षमता लगभग 8.8 गीगावाट है, जिसे 2047 तक 100 गीगावाट करने का लक्ष्य है। इसके लिए 19.28 लाख करोड़ रुपये (214 बिलियन डॉलर) से अधिक के निवेश की आवश्यकता होगी। शृंगला ने बताया कि पश्चिम एशिया के सॉवरेन वेल्थ फंड्स ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (एसएमआर) के निर्माण और तैनाती म...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.