ऊर्जा भंडारण प्रणाली क्षमता बढ़ाने की जरूरत
नई दिल्ली, जुलाई 8 -- नई दिल्ली। भारत को वर्ष 2035-36 तक ऊर्जा भंडारण प्रणाली की क्षमता बढ़ाकर 888 गीगावाट-घंटा करनी होगी, जो फिलहाल करीब एक जीडब्ल्यूएच है। इंडिया एनर्जी स्टोरेज अलायंस और कस्टमाइज्ड एनर्जी सॉल्यूशंस की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊर्जा भंडारण अब ग्रिड की विश्वसनीयता मजबूत करने और नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने का प्रमुख आधार बन चुका है। यह रिपोर्ट यहां आयोजित 'इंडिया एनर्जी स्टोरेज वीक 2026' के दौरान जारी की गई। इस तीन-दिवसीय आयोजन में 15 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं और 200 से अधिक प्रदर्शक एवं 10,000 से अधिक उद्योग विशेषज्ञ शिरकत कर रहे हैं।
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